छत्तीसगढ़दुर्ग

जल्दबाजी.. रफ्तार और हादसे, 10 महीने में 250 लोगों की हुई मौत

दुर्ग। DURG NEWS : जल्दबाजी… रफ्तार और हादसे। जी हां, आज लोगों को बहुत जल्दी है। एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में जहां रास्ता मिले वहां से निकलने पर जोर रहता है। ओवर स्पीड के कारण सड़क हादसों में सिर्फ दुर्ग जिले में 10 महीने में 945 सड़क हादसों में 250 लोगों की मौत हो चुकी हैं, इस दुर्घटनाओं में 814 लोग घायल हुए हैं। इस 10 महीनों में पुलिस ने 42 हज़ार लोगों पर चलानी कार्रवाई करके 1.40 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला हैं। एक बार फिर नए सिर से सड़क हादसों का सही कारण पता लगाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने बाकी एजेंसियों के साथ मिलकर प्लानिंग की हैं।

दुर्ग जिला के अंतर्गत एक नेशनल हाईवे और चार स्टेट हाईवे सड़क है। इन सड़कों पर सरपट गाड़िया दौड़ती रहती है। गाड़ियां जितनी स्पीड से गाड़ियां दौड़ती है। इतनी स्पीड से ही हादसे भी होते हैं। हादसों के कारण इन दिनों दुर्ग जिला ब्लैक स्पॉट बना हुआ है। इन हादसों में सैकड़ों लोगों ने अब तक जान भी गवाई है। जिसके कारण रोजाना हादसो में लोगो की मौत भी हो रहे है.

लगातार हो रहे सड़क हादसों के अब जिला प्रशासन की नींद खुली है, दुर्ग से रायपुर के बीच लंबे समय से फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य चल रहा है जिसे चलते 3 साल हो गए लेकिन अब तक काम अधूरा ही है धीमी गति से काम चलने के कारण रोजाना आम जनता दुर्घटना का शिकार हो रही है दरअसल दुर्ग से रायपुर के बीच नेशनल हाईवे का कम चल रहा है सड़क में गड्ढों का अंबार है वर्तमान में 4 फ्लाईओवर का निर्माण कार्य प्रगति पर है

फ्लाई ओवर के निर्माण से पहले रायपुर से दुर्ग की तरफ की सड़क की लेन 13 मीटर चौड़ी थी फ्लाई ओवर बनाने के दौरान अधिकारियों ने जो सर्विस रोड बनाई है वह मात्र 5 मीटर चौड़ी है। वाहनों की क्षमता से काफी कम चौड़ी सड़क होने के चलते लगातार हादसे हो रहे है, दुर्ग जिले हादसों का ब्लैक स्पॉट बना हुआ है जहां हादसे तो हो ही रहे हैं लेकिन इन हादसों में सैकड़ों लोगों ने अब तक जान भी गवा दी, इसके तहत एनएच के 40 किलोमीटर और दो सौ किलोमीटर की स्टेट हाइवे का नए सिरे से सर्वे होगा। इस सर्वे के तहत सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। ऑडिट के तहत सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। ऑडिट के तहत स्टेट और नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक फ्लो का पता लगाया जाएगा। दिन और रात में यातायात का दबाव कितना रहता है, सड़कों ही हालत कैसी हैं इसका पता लगाया जाएगा। ताकि सुधार की दिशा में काम शुरू हो सके। ट्रैफिक डीएसपी का कहना है कि सड़क दुर्घटना होने पर संबंधित थाना प्रभारी, ट्रैफिक से संबंधित अधिकारी,एसडीएम और एसडीओपी घटनास्थल का मुआयना करेंगे। दुर्घटना किस परिस्थिति में हुई इसकी बारीक पड़ताल करेंगे।

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