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8 दिसंबर से प्रारम्भ होगा कुष्ठ की सघन जांच खोज अभियान

8 दिसंबर से प्रारम्भ होगा कुष्ठ की सघन जांच खोज अभियान

सारंगढ़ बिलाईगढ़ : छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश और कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन में जिले में सघन कुष्ठ जांच खोज अभियान 8 दिसंबर से 31 दिसंबर तक चलाई जाएगी। समुदाय में कुष्ठ के संक्रमण को रोकने के लिए प्रत्येक रोगियों का प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर उपचार दिया जाना अति आवश्यक है ताकि रोग के प्रसार का नियंत्रण हो और कुष्ठ के कारण विकलांगता से बचा जा सके। इस हेतु जिले के सभी गांव में सघन जांच खोज अभियान चलाई जाएगी।

अभियान के दौरान स्वास्थ्य अमले के दे द्वारा घर घर जा कर घर के प्रत्येक सदस्यों की जांच की जाएगी। जांच कर संभावित कुष्ठ के मरीजों की सूची बनाई जाएगी, जिसे एक प्रपत्र में लिखी जाएगी। बाद में इन शंकाप्रद मरीजों का लाइन लिस्टिंग मितानिन प्रशिक्षक अथवा पुरुष आरएचओ डॉक्टर के द्वारा मितानिनवाइस बना कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जमा की जाएगी।

ग्राम स्तर पर आरएचओ डॉक्टर के द्वारा कुष्ठ के संभावित मरीजों का सत्यापन भी होगा। अंत में इनको प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर बुलाकर सत्यापन किया जाएगा, जो शंकाप्रद मरीज किसी कारणवश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनकी परीक्षक हमारे ब्लॉक स्तर या जिला स्तर के टीम के द्वारा की जाएगी। ये दोनों कार्य शंकाप्रद को खोजना एवं उनका सत्यापन करना साथ साथ चलेगा। नए कुष्ठ की पुष्टि होने पर इनका रिकॉर्ड संधारण एवं काउंसलिंग पश्चात दवा स्टार्ट की जाएगी।

जांच दल, दल, लक्ष्य और निष्पादन

ग्रामीण क्षेत्रों में 8 दिसंबर से 31 दिसंबर तक शहरी क्षेत्र जैसे सारंगढ़ की प्लान ग्रामीण क्षेत्र की जांच हो जाने के उपरांत होगी। सर्वे दल प्रति एक हजार की जनसंख्या पर एक होगी जिसमें 2 सदस्य होंगे जिसमें एक महिला का होना जरूरी है। दल के प्रत्येक सदस्य, खासकर मितानिन को प्रशिक्षण दी गई है तथा इनका कुष्ठ की शंका कब करे कि एक प्रपत्र प्रदाय की गई है। प्रत्येक टीम को कम से कम 15 घर प्रतिदिन जांच करना होगा। शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन 20 घरों की जांच करनी होगी। प्रत्येक मितानिन को प्रशिक्षित की गई है कि घर के सभी सदस्यों की जांच (2 वर्ष तक के बच्चे को छोड़कर) हो जाने के उपरांत घर में एक निशान लगाएंगे। जैसे (L / दिनांक__) सर्वे दल उन घरों में कई बार भ्रमण करेगी, जिन घरों के सदस्यों की जांच पूरी नहीं हुई होगी।

पर्यवेक्षक के दायित्व

सर्वे दल के ऊपर मॉनिटर बनाए गए है जिसमें एमटी, आरएचओ और सीएचओ डॉक्टर,पर्यवेक्षक जो ✅ L/ तारीख __ वाले घरों की भ्रमण करने होंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुष्ठ की पुष्टि होने के पश्चात निकृष्ट 2.0 पर इसकी इंट्री करना होगा। कार्यक्रम की सफल संचालन के लिए प्रभावी प्रचार प्रसार के लिए प्रत्येक मितानिन अपने पारे में नारे लेखन, समूह चर्चा , वीएचएससी की बैठक कर रही है। आरएचओ डॉक्टर भी अपने कार्यक्षेत्र में प्रचार प्रसार करेंगे बैनर पोस्टर आदि प्रदाय किए जाएंगे । प्रदेश, जिला तथा ब्लॉक स्तर से मॉनिटरिंग टीम बनाई गई है जो प्रतिदिन ग्राउंड रियलिटी देखेगी प्रत्येक आरएचओ डॉक्टर अपनी माइक्रोप्लान बना कर तैयार रखेंगे। जांच खोज अभियान उपरांत एक प्रतिवेदन उपस्वास्थ्य केंद्र स्तर पर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर तथा ब्लॉक एवं जिला स्तर प्रतिवेदन तैयार की जाएगी। अंतिम रिपोर्ट जिले से शासन को भेजी जाएगी।

शासन के निर्देश है कि, प्रत्येक ग्राम पंचायत को कुष्ठ मुक्त बनाना है इसके लिए सभी पात्र सदस्यों को जांच हो। अतः पंचायत के प्रतिनिधियों से अनुरोध रहेगा कि ग्राम पंचायत के 100% लोगो की जांच करवाने में सहयोग करे। अन्य सभी ग्रामीण लोगों से सहयोग की अपेक्षा रहेगी कि वे गांव के प्रत्येक नागरिक स्वयं से आगे आए और जांच कराएं। इस कार्य में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एफ आर निराला स्वयं ही मॉनिटर कर रहे है तीनों ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को सक्रियता से जुड़ने के लिए निर्देशित किया गया है।

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