छत्तीसगढ़मुख्य खबरलोकप्रिय

विवाद में सक्ती टोल प्लाजा : अवैध वसूली और सुविधाओं की कमी, कलेक्टर के निरीक्षण में मिली भारी गड़बड़ियां, मैनेजर ने दिया गैर-जिम्मेदाराना बयान

सक्ती। सक्ती टोल प्लाजा फिर विवादों के घेरे में आ गया है। टोल संचालक पर अवैध वसूली और वाहन मालिकों से मारपीट का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत कलेक्टर से हुई, जिसके बाद सक्ती कलेक्टर अचानक टोल प्लाजा जांच में पहुंच गए। मौके पर गड़बड़ियां देखकर कलेक्टर ने टोल प्लाजा संचालक को फटकार लगाई।

मामले में कलेक्टर का कहना है कि निरीक्षण में गड़बड़ियां मिली हैं और शिकायत सही पाई गई है। कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया जा रहा है। मामले में टोल प्लाजा के मैनेजर का भी गैर-जिम्मेदाराना बयान सामने आया है। मैनेजर का कहना है कि “हमें केवल वसूली की जिम्मेदारी मिली है, सुविधा देने की नहीं।” जबकि एनएचएआई के गाइडलाइन में टोल प्लाजा में पीने का पानी, शौचालय, एम्बुलेंस, टो वाहन सहित कई अन्य सुविधाएं लोगों को उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

मगर सक्ती के टोल प्लाजा के मैनेजर के बयान ने एनएचएआई के नियमों पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। हालांकि, सक्ती कलेक्टर ने पूरे मामले में एनएचएआई को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की बात कही है।

टोल टैक्स छूट के लिए इनके अपने नियम

टोल टैक्स छूट के संबंध में जब उनसे पूछा गया तो हैरान करने वाला जवाब सामने आया। मैनेजर जयंत पांडे का कहना है कि कुछ राजनीतिक लोगों को भी छूट देते हैं, जो इस दायरे में नहीं आते और जो नियम के खिलाफ है। फिर भी करना पड़ता है। मतलब कुल मिलाकर शासन को नुकसान पहुंचाने के लिए अपने खुद के नियम बनाए हुए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!