
कोरिया के झुमका जलाशय में हाउसबोट, बढ़ेगा पर्यटन, मिलेगा रोजगार

जम्मू कश्मीर की तर्ज पर कोरिया के झुमका जलाशय में हाउसबोट शुरू किए जा रहे हैं.

कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एक अनोखा और आकर्षक पर्यटनस्थल जल्द ही खुलने जा रहा है. जम्मू कश्मीर की तर्ज पर कोरिया जिले में हाउसबोट शुरू किए जा रहे हैं. यह हाउसबोट कोरिया जिले के झुमका बोट क्लब में स्थापित की जाएगी, जो पर्यटकों को जल सतह पर प्राकृतिक सुंदरता के नजारे का लुत्फ उठाने का अवसर देगी.

हाउसबोट में मिलेंगी ये सुविधाएं
यह हाउसबोट पूरी तरह से लक्जरी सुविधाओं से लैस होगी. इसमें दो लग्जरी रूम, एक पार्टी हॉल, छोटा किचन और बायो टॉयलेट की सुविधा होगी. हाउसबोट एक बार में करीब 70 यात्रियों को झुमका बांध में सैर कराएगा. हाउसबोट में कपल्स और परिवार के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. स्वीट्स रूम में रुककर यात्री झील की लहरों के बीच शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे.

कोरिया जिले में झुमका जलाशय स्थित झुमका बोट क्लब को पर्यटक को विकसित करने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं. सुंदर गार्डन, कैफे सहित आधुनिक सुविधा का विस्तार किया जा रहा है.
हाउसबोट की निविदा प्रक्रिया पूरी
हाउसबोट के शुरू होने के बाद यह छत्तीसगढ़ की पहली हाउसबोट बन जाएगी, जिससे पर्यटन कोरिया ही नहीं, पूरे प्रदेश में एक नई पहचान बनेगी. कलेक्टर कोरिया चंदन त्रिपाठी ने बताया कि हाउसबोट की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और बहुत जल्द इसका संचालन शुरू किया जाएगा. कलेक्टर ने बताया कि जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और जिला प्रशासन इसे बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. हाउसबोट का संचालन और होम स्टे की सुविधा शुरू करने से पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे.

टाइगर रिजर्व बनने से पर्यटन में इजाफा
कलेक्टर ने कहा कि जिले में टाइगर रिजर्व बनने के बाद से पर्यटन में वृद्धि हुई है और अब होम स्टे की सुविधा शुरू करने से स्थानीय लोगों को और भी फायदा होगा. इको टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय लोगों को फायदा होगा और पर्यटकों को प्राकृतिक सुंदरता के नजारे का लुत्फ उठाने का अवसर मिलेगा. जिला प्रशासन स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. इससे जिले की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा और पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं भी विकसित होंगी.










