रेबीज जानलेवा बीमारी, लेकिन रोकथाम है संभव*

*रेबीज जानलेवा बीमारी, लेकिन रोकथाम है संभव*
सारंगढ़ बिलाईगढ़, 14 फ़रवरी 2026/जिले में राष्ट्रीय रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पताल के चिन्हांकित अधिकारी कर्मचारी को आमंत्रित गया थ। जिले में अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक कुल 10 माह में 8186 एनिमल बाइट के केस दर्ज हुए है जिनको उपचार दिया गया है। 

इस प्रशिक्षण में बताया गया कि, रेबीज क्या है, रेबीज एक वायरल संक्रमण है जो मनुष्यों एवं जानवरों में हमेशा ही घातक होता है। रेबीज के सामान्य वाहक कौन है, इस बीमारी कुत्ते ,बिल्ली ,बंदर आदि जैसे जानवरों के काटने या खरोचने के कारण हो सकती है। यह संक्रमित जानवर के काटने से रेबीज का संक्रमण फैलता है ज्यादातर मामलों में मनुष्यों में यह बीमारी कुत्ते के काटने या खरोचने से भी होती है (90% से ज्यादा )। मनुष्यों में जानवर के काटने के बाद क्या उपचार करना चाहिए, सबसे पहले जख्म घाव को साबुन और साफ पानी बहते पानी से 15 मिनट तक अच्छी तरह से धोएं,घाव पर उपलब्ध एंटीसेप्टिक लगावे, घाव को खुला छोड़े और टांके न लगवाए, तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह ले और एंटी रेबीज के टीके लगवाए घाव बड़ा होने पर इम्युनोग्लोबिन सिरपका टीका भी लगवाए। 

रेबीज का टीकाकरण, रेबीज के बचाव के लिए एंटी रेबीज टीका त्वचा या मांसपेशियों में लगवाए अगर त्वचा में लगाए जाते है तब 0, 3, 7 और 28 दिवस को लगवाएंगे लेकिन मांसपेशियों में लगवाने पर 0 ,3 ,7,14 और 28 वे दिवस में लगवाएंगे। मनुष्य में रेबीज से बचाव के लिए क्या आवश्यक है। घाव को अच्छी तरह से साफ पानी में धोए,घाव को खुला ही रखे तथा पास के स्वास्थ्य के केंद्र में जाकर टीका लगवाए और पूरे डोज भी लगवाए अधूरा न छोड़े। 

रेबीज से बचने के लिए क्या करे। घाव को साफ करे अल्कोहल या स्पिरिट से क्लीन करे, टीका लगवाए। समय समय पर पालतू जानवरों का टीकाकरण करवाए। कुत्ते काटने पर कोई घरेलू उपचार के चक्कर में न पड़े। अपने चिकित्सक से तुरंत ही सलाह ले। अपने घर के आसपास और मोहल्ले में पालतू व अज्ञात कुत्ते को भी नियमित तौर से एंटी रेबीज टीका लगवाने के लिए पहल करे। अगर आपके मोहल्ले में जानवर काटने की घटना हो रही है तो तुरंत अपने नजदीकी पंचायत, नगरपालिका के अधिकारी को सूचित करे, आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखे और कूड़ा कचरा जमा ना होने दे। जानवरों में रेबीज होने के लक्षण क्या है, जानवरों के व्यवहार में परिवर्तन, भौंकने के स्वर में बदलाव, बिना किसी कारण अत्यधिक उत्तेजित हो जाना ,बिना किसी कारण के काटना पानी से डरना ,( हाइड्रोफोबिया) मुंह से अत्यधिक लार निकलना , लकवा आना आदि। मनुष्य में रेबीज होने के लक्षण क्या है, अज्ञात जानवर से काटने का इतिहास होना ,पानी से डरना वायु भीटी। अज्ञात जानवरों के काटने के प्रकरण को नजरंदाज न करे याद रहे रेबीज की बीमारी 100% जानलेवा है, जबकि बचाव आसान है।





