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रायपुर साहित्य उत्सव में डॉ. चंद्र भानु सतपथी की पुस्तको ने बिखेरा ज्ञान का प्रकाश – अखिलेश चौबे

रायपुर साहित्य उत्सव में डॉ. चंद्र भानु सतपथी की पुस्तको ने बिखेरा ज्ञान का प्रकाश – अखिलेश चौबे

भटगांव – क्षेत्र में सेवा भाव की अग्रणी संस्था साईं सेवा समिति के मार्गदर्शक अखिलेश चौबे ,अध्यक्ष रुपनारायण सिंग राजपूत ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि रायपुर साहित्य उत्सव का तीन दिवसीय भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया, जिसमें देशभर के साहित्यकारों, विचारकों और पाठकों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। इस साहित्यिक महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विद्वान, लेखक एवं आध्यात्मिक विचारक डॉ. चंद्र भानु सतपथी द्वारा लिखित पुस्तकों को विशेष सराहना और व्यापक पाठक समर्थन प्राप्त हुआ।

डां‌ सतपथी जी एक विख्यात विद्वान,लेखक,एवं आध्यात्मिक विचारक है । भारतीय पुलिस सेवा के उच्च पद (DGP) पुलिस महानिदेशक से अवकाश प्राप्त अधिकारी है ।

उत्सव के दौरान डॉ. सतपथी की ब्रह्माण्डीय चिंतन पर आधारित पुस्तक “अव्यक्त से व्यक्त” पाठकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही। ब्रह्माण्ड, सृष्टि और चेतना के सूक्ष्म तत्वों पर आधारित यह कृति पाठकों को गहन दार्शनिक अनुभूति प्रदान करती है, जिसे बड़ी संख्या में लोगों ने सराहा और पसंद किया।

इसी प्रकार गुरु तत्व पर आधारित पुस्तक “श्री गुरु भागवत” को भी अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। यह अपनी तरह की प्रथम अनूठी रचना मानी जा रही है, जिसमें गुरु-शिष्य परंपरा, गुरुतत्व और आध्यात्मिक अनुशासन का गहन एवं व्यापक विवेचन किया गया है। पाठकों ने इस ग्रंथ को आध्यात्मिक साहित्य की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

शिर्डी साईं बाबा पर आधारित डॉ. सतपथी की पुस्तक भी विशेष चर्चा का विषय बनी रही। यह कृति दुर्लभ अभिलेखों, ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं ब्रिटिश राज की खुफिया रिपोर्टों पर आधारित गहन शोध से तैयार की गई है, जो साईं बाबा के जीवन और कार्यों को एक प्रामाणिक ऐतिहासिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है।

रायपुर साहित्य उत्सव में पाठकों, शोधकर्ताओं और आध्यात्मिक जिज्ञासुओं द्वारा डॉ. चंद्र भानु सतपथी की रचनाओं को जो प्रेम और सम्मान मिला, वह यह दर्शाता है कि उनकी कृतियाँ केवल साहित्य नहीं, बल्कि विचार, शोध और आध्यात्मिक चेतना का समन्वय हैं। यह आयोजन न केवल साहित्यिक दृष्टि से सफल रहा, बल्कि आध्यात्मिक और बौद्धिक संवाद का भी एक सशक्त मंच बनकर उभरा।

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