कोरबालोकप्रिय

नए वर्ष में छात्र-छात्राओं ने एचआईवी/एड्स से लड़ने की शपथ ली, नए वर्ष में मानव श्रृंखला से रेड रिबन बनाकर एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता पैदा की

नए वर्ष में छात्र-छात्राओं ने एचआईवी/एड्स से लड़ने की शपथ ली,

नए वर्ष में मानव श्रृंखला से रेड रिबन बनाकर एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता पैदा की,

बांकी मोंगरा : शासकीय नवीन महाविद्यालय बांकी मोंगरा में नए वर्ष में छात्र-छात्राओं ने एचआईवी/एड्स से लड़ने की शपथ ली एवं मानव श्रृंखला से रेड रिबन का प्रतीक बनाकर एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता पैदा की। संस्था के प्राचार्य डॉ पुष्पराज लाजरस के संरक्षण एवं नीतू मंडावी सहायक संचालक (यूथ) छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण कार्यक्रम रायपुर के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में रेड रिबन क्लब के संयोजक डॉ शिवदयाल पटेल ने सभी छात्र-छात्राओं को एच आई वी/एड्स से लड़ने की शपथ दिलाई। सभी ने इस भयावह बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने एवं भाषण, रंगोली, पेंटिग, निबंध, पोस्टर, वाल रायटिंग के माध्यम से प्रचार प्रसार करने की बात कही। डॉ शिवदयाल पटेल ने कहा कि एड्स स्वयं कोई बीमारी नही है, पर एड्स से पीड़ित मानव शरीर संक्रामक बीमारियों, जो कि जीवाणु और विषाणु आदि से होती हैं, के प्रति अपनी प्राकृतिक प्रतिरोधी शक्ति खो बैठता है क्योंकि एच.आई.वी (वह वायरस जिससे कि एड्स होता है) रक्त में उपस्थित प्रतिरोधी पदार्थ लसीका-कोशो पर आक्रमण करता है। एड्स पीड़ित के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता के क्रमशः क्षय होने से कोई भी अवसरवादी संक्रमण, यानि आम सर्दी जुकाम से ले कर क्षय रोग जैसे रोग तक सहजता से हो जाते हैं और उनका इलाज करना कठिन हो जाता हैं। एच.आई.वी. संक्रमण को एड्स की स्थिति तक पहुंचने में 8 से 10 वर्ष या इससे भी अधिक समय लग सकता है। एच.आई.वी से ग्रस्त व्यक्ति अनेक वर्षों तक बिना किसी विशेष लक्षणों के बिना रह सकते हैं।

प्रो भास्कर पटेल ने कहा कि एड्स वर्तमान युग की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है यानी कि यह एक महामारी है। उन्होंने एड्स के संक्रमण के तीन मुख्य कारण बताया – पहला असुरक्षित यौन संबंध, दूसरा संक्रमित व्यक्ति से रक्त के आदान-प्रदान एवं तीसरा संक्रमित माँ से शिशु में संक्रमण द्वारा। अन्य सभी वक्ताओं ने जोर दिया कि जानकारी ही एच आई वी एड्स से बचाव है। इस अवसर पर प्रो कंचन बंजारे, प्रो प्रेमा भगत, प्रो लकेश्वरी कैवर्त, प्रो विद्या भारती, प्रो जय वैष्णव, प्रो सैबुन निशा, प्रो अमीषा यादव, प्रो श्यामलता, प्रो अमन गुरुद्वान कार्यालयीन स्टॉफ अम्बिकाप्रसाद जायसवाल, अजय यादव, छात्र-छात्रायें वर्षा साहू, ज्योति, गीतांजलि, नगमा, सोनी, शास्त्री, आंचल, पायल, सिमरन साहू, स्वाति यादव, शारदा, कुसुम, रीना कंवर, सोनल चौहान, अन्नपूर्णा घोसाल, शालिनी सिंह, भूमिका, अभिषेक, विनय कुमार, विनय सिंह, आदिति, श्रुति, अनुपमा, अंजू, सूरज सोनी, दीपा महंत, किशन साहू, जयंती गुप्ता, पूजा यादव, उमा, प्रीति, श्रवण साहू, सुशांत, निशांत, अजय, सदानंद, रवि, अभिषेक, निखिल, विजय, सरिता, शरद, भूपेंद्र यादव, सोनम, शारदा, शोभा कुरेशी आदि ने सक्रियतापूर्वक भाग लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!