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बलौदाबाजार आगजनी कांड : छत्तीसगढ़ क्रांति सेना प्रमुख गिरफ्तार, अमित बघेल बोले – सब षड्यंत्र है…

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में 10 जून 2024 को कलेक्टर-एसपी कार्यालय में आगजनी की घटना ने जहां प्रदेश व देश को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले में लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी जारी है। वहीं आज इस मामले में बलौदाबाजार पुलिस ने जोहार छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल को प्रोडक्शन वारंट में रायपुर जेल से गिरफ्तार किया और सीजेएम कोर्ट में पेश किया। फिलहाल पुलिस की तरफ से इस मामले में कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है कि घटना के 19 माह बाद पुलिस ने अमित बघेल व उनके साथियों की गिरफ्तारी क्यों की है।

इस मामले में अमित बघेल ने कहा कि यह सब षड्यंत्र है। 19 माह बाद पुलिस को मेरी संलिप्तता नजर आ रही है। उस दिन मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता की हैसियत से आया था पर आगजनी कांड में मेरा कोई हाथ नहीं है। यह सब कांग्रेस व भाजपा सरकार का षड्यंत्र है, जो छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के बढ़ते प्रभाव से घबरा गई है और हथकंडे अपना रही है। जोहार छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रकांत यदु ने कहा है कि सरकार जो चाहे कर ले, हम लोग घबराने वाले नहीं हैं। आने वाले समय में इसका जवाब पूरजोर तरीके से दिया जाएगा।

जानिए अब तक क्या हुआ

15 मई : सतनामी समुदाय के धार्मिक स्थल गिरौदपुरी धाम से करीब 5 किमी मानाकोनी बस्ती स्थित बाघिन गुफा में लगे धार्मिक चिन्ह जैतखाम को देर रात क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।

16 मई : सुबह लोगों को पता चला तो उन्होंने मौके पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

17 मई : पुलिस ने मामला दर्ज किया।

19 मई : मानाकोनी बस्ती में समाज के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चक्का-जाम किया था। इस दौरान समाज के गुरु और पूर्व मंत्री रुद्रकुमार ने कार्रवाई की मांग की, वहीं गुरु खुशवंत साहेब ने कांग्रेस सरकार में हुए प्रदर्शन की याद दिलाई।

19 मई : पुलिस ने इस मामले में बिहार निवासी 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि नल-जल योजना कार्य में ठेकेदार पैसे नहीं दे रहा था। इसलिए शराब के नशे में आरोपियों ने तोड़फोड़ कर दी।

20 मई : समाज के लोगों की बैठक हुई। इसमें कहा गया कि गलत आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जो दोषी हैं, उन्हें पकड़ा जाए। वहीं आंदोलन की रूप रेखा तैयार हुई।

21 मई : पुलिस और प्रशासन को दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद से ही लगातार समाज के लोग आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग करते रहे।

08 जून : कलेक्टर ने प्रशासनिक अफसरों, पुलिस अफसरों और समाज के लोगों के साथ शांति समिति की बैठक बुलाई। इसमें अपील की गई कि आंदोलन से बचें। साथ ही जांच में तेजी लाने की बात कही गई।

09 जून: डिप्टी CM और गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच कराने के निर्देश दिए।

09 जून : इसी दिन प्रशासन की अनुमति से कलेक्ट्रेट के पास दशहरा मैदान में समाज ने 10 जून को एक दिवसीय प्रदर्शन की अनुमति मांगी।

10 जून : इसी प्रदर्शन के दौरान अचानक से लोग उग्र हो गए और बवाल बढ़ता चला गया और कलेक्ट्रेट-एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया। इस मामले में अब तक सैकड़ों लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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