
बांग्लादेश में बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान के एक अधिकारी से हाथ क्या मिला लिया, पाकिस्तान इस बात को भी तूल देने लगा। पाकिस्तान इस हद तक हताश है कि उसने इस मामले को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा है कि पाक बातचीत के लिए हमेशा तैयार है। हालांकि भारत ने पाकिस्तान को उसकी जगह दिखाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि यह महज एक शिष्टाचार भेंट थी।

क्या है पूरा मामला ?
इससे पहले पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि नेशनल असेंबली के अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच बांग्लादेश की राजधानी ढाका में संक्षिप्त मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार से इतर एक संक्षिप्त मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद पाक नेशनल असेंबली सचिवालय ने एक बयान में कहा कि जब सादिक जिया के निधन से संबंधित शोक पुस्तिका में संदेश लिखने संसद भवन पहुंचे तो विभिन्न देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधियों की मौजदूगी में जयशंकर ने उनसे मुलाकात की और हाथ मिलाया।

पाकिस्तान ने पीटा ढिंढोरा
बयान में कहा गया है, “पाकिस्तान-भारत के बीच मई 2025 के बाद भारत की पहल पर हुई यह पहली महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय मुलाकात है।” बयान में यह भी कहा गया है कि “पाकिस्तान ने पहलगाम हमले की जांच के लिए लगातार संवाद और संयमित व सहयोगात्मक कदम उठाने पर जोर दिया है। इसमें शांति वार्ता और संयुक्त जांच के प्रस्ताव भी शामिल हैं।” हालांकि भारत ने साफ तौर पर कहा है कि यह मीटिंग सिर्फ एक शिष्टाचार थी और इसमें सभी रणनीतिक नियमों का पालन किया गया। भारतीय अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि वे शोक के इस पल में चीजों को शालीन रखना चाहते थे। अधिकारियों ने इस बात पर निराशा भी जताई कि पाकिस्तान विदेश में शांति की बात करता है लेकिन घर पर अलग तरह से काम करता है।







