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साहिल रात्रे ने बारहवीं बार थाई बॉक्सिंग के एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान

*साहिल रात्रे ने बारहवीं बार थाई बॉक्सिंग के एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान*

बिलाईगढ़ भटगांव – बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत भटगांव वार्ड 15 में रहने वाले रात्रे परिवार के युवक साहिल रात्रे ने बारहवीं बार स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ सहित पूरे जिले और अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है।

दरसल साहिल रात्रे थाई बॉक्सिंग का एशियन चैम्पियन शिप गोवा से स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया हैं। बतादें साहिल बचपन से ही बॉक्सिंग जैसे खेल के साथ साथ क्रिकेट में विशेष रुचि रखते हैं और इनका एक सपना है कि वो आगे चलकर वर्ल्ड चैंपियन बने और उसी सपना को पूरा करने के लिये वे कड़ी मेहनत कर रहें हैं. साहिल रात्रे ने बताया कि उन्हें खेल के दौरान अनेक तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं, कभी-कभी खेल को लेकर मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ता हैं. कई बार तो उन्हें डर और भय भी लगता है ए सोंचकर की वो जिनसे सामना करेंगे वो खिलाड़ी इनसे कई गुना बेहतर फाईटर होगा तो उनसे ए कैसे मुकाबला करेंगे। यहीं नहीं बल्कि कई बार तो खेल के दौरान उन्हें घायल भी होना पड़ता है।

वहीं परिवार के सदस्यों व उनके दादा-दादी ने हमें बताया कि साहिल जब दूसरे राज्य में खेलने जाते है तो उनके सेहत और सुरक्षा को लेकर परिवार के लोग चिंतन करते है। साहिल रात्रे के दादा – दादी ने आगे बताया कि साहिल अब तक माहाराष्ट्र,राजस्थान, कोलकाता, गोवा,नेपाल,ईरान के अलावा कई बड़े राज्य और शहर से लगभग 12 स्थानों से स्वर्ण पदक जीत कर आया हैं, जिन्होंने लगभग 15 सर्टिफिकेट और 12 स्वर्ण पदक हासिल किया है। साहिल ने भी हमे आगे और बताया कि इस खेल में उनके कोच संदीप साह और उनके प्रेसिडेंट दीपक प्रसाद का विशेष सहयोग रहा है जिन्होंने खेल को लेकर हर वो एंगल और ट्रिक पर हमेशा रीजन कराया है साथ ही खेल से सम्बंधित जानकारियां उन्हें दी है। इन्हीं के मार्गदर्शन से वे निडर होकर खेल को सही तरीके से खेल पाता है और अपनी जिम्मेदारी निभाकर अपना लक्ष्य पूरा करते हैं।

वहीं वार्डवासियों और उनके परिवार के सदस्यों ने कहाकि साहिल जब खेल में अपना परचम लहराकर घर वापस आते है तो सभी को गौरान्वित महसूस होते है जिसका खुशी भी सभी मिलकर जाहिर करते है। जीत की खुशी में साहिल के उत्साह और हौसला बढ़ाने के साथ-साथ वार्ड और क्षेत्र के युवाओं और युवतियों को भी प्रेरणा मिले इसी उद्देश्य से बाजे-गाजे और पूजा-अर्चना के साथ पूरे नगर का भ्रमण कराते उन्हें घर ले जाते हैं।

वहीं क्षेत्र और वार्ड के जनप्रतिनिधियों ने भी साहिल रात्रे की जीत को छत्तीसगढ़ सहित जिले का नाम रोशन करना बताया साथ ही इस बारहवीं बार की स्वर्ण पदक जीत को देखकर मुँह मीठा कर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।

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