धोबनी के 34 घरों में गृहे-गृहे गायत्री महायज्ञ सम्पन्न, कार्यक्रम में बिलाईगढ़, सारंगढ़ व बरमकेला विकासखण्ड के 70 गायत्री परिजनों ने लिया हिस्सा, कार्यक्रम के पश्चात जिला स्तरीय गोष्ठी का आयोजन


धोबनी के 34 घरों में गृहे-गृहे गायत्री महायज्ञ सम्पन
कार्यक्रम में बिलाईगढ़, सारंगढ़ व बरमकेला विकासखण्ड के 70 गायत्री परिजनों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम के पश्चात जिला स्तरीय विभिन्न विषयों मे हुई गोष्ठी

सारंगढ़ बिलाईगढ़ – जिले के सरसींवा तहसील के के अंतर्गत ग्राम धोबनी में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा गृहे-गृहे गायत्री महायज्ञ का आयोजन पिछले दिनों रविवार दिनांक 23.06.24 को सम्पन्न हुआ। यह यज्ञ ग्राम धोबनी के 34 घरों में एक साथ बड़े ही उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया। इस कार्यक्रम में बिलाईगढ़, सारंगढ़ व बरमकेला विकासखण्ड के 70 गायत्री परिजनों ने भाग लिया। यज्ञीय कार्यक्रम 9:30 बजे से 12 बजे तक सम्पन्न किया गया।

तत्पश्चात भोजनोपरान्त जिला स्तरीय गोष्ठी का कार्यक्रम रखा गया था जिसमें मिशन के विभिन्न कार्ययोजनाओं पर चर्चा करते हुए निम्न आवश्यक निर्णय लिया गया।

1.भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 2024 के सम्बन्ध में,2. कोसीर में वृहद वृक्षारोपण कार्य हेतु निर्णय, 3.ज्योति कलश रथ हेतु शांति कुंज के निर्देशानुसार अनुदान बिलाईगढ़ व बरमकेला विकासखण्ड से तीस-तीस हजार रुपए एवं सारंगढ़ विकासखण्ड से चालीस हजार रुपए दिए जाएंगे,4. प्रत्येक गांवों में मिशन को पहुंचाने का निर्णय,5. सभी पदाधिकारीगण व परिजन समन्वय बनाकर एक दूसरे का सम्मान व सहयोग प्रदान करते हुए गुरु कार्य को पूरा करने का संकल्प,6.मिशन की पत्रिका स्वयं पढ़ने एवं पाठक बढ़ाने का निर्णय,7. प्रत्येक युग निर्माणी अपने चरित्र, चिन्तन, साधना स्वाध्याय व सेवा पर ध्यान दें। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला समन्वयक श्री गोरा प्रसाद साहू जी ,बरमकेला शक्तिपीठ के प्रमुख ट्रस्टी श्री वर्मा जी , जिला प्रतिनिधिगण, तीनों ब्लाक के प्रतिनिधिगण, सरसीवां परिक्षेत्र के कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।जहाँ भटगांव, सरसींवा, धोबनी, पवनी, छिर्रा, धनसीर, बिलाईगढ़, बिलासपुर, बरमकेला, सरिया,सारंगढ़ इत्यादि स्थानों से गायत्री परिजन भारी संख्या मे पहुंचे थे.


वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में सरसींवा परिक्षेत्र के सभी सम्माननीय कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा जो इस कार्यक्रम की तैयारी हेतू लगभग 1 महीने से तन मन धन से जुड़े हुये थे जिसके फलस्वरूप यह कार्यक्रम उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ.













