CG BIG NEWS : हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ का आरोप : रात के अंधेरे में काट दिया गया देवस्थल माने जाने वाला हरा-भरा पीपल का वृक्ष, भड़का ग्रामीणों का आक्रोश
ग्रामीणों की ओर से दी गई शिकायत के बाद अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर हैं। लोगों का कहना है कि अगर आस्था से जुड़े इस मामले में दोषी पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण बना रखा है और आगे की जांच जारी है।

CG BIG NEWS : हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ का आरोप : रात के अंधेरे में काट दिया गया देवस्थल माने जाने वाला हरा-भरा पीपल का वृक्ष, भड़का ग्रामीणों का आक्रोश

खैरागढ़ : जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर ग्राम सर्रागोंदी में हिंदू समाज की आस्था से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। यहां गांव के बाहर स्थित एक हरा-भरा पीपल का वृक्ष, जिसे ग्रामीण हनुमानजी का देवस्थल मानते थे, रात के अंधेरे में काट दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कृत्य खैरागढ़ के गोलबाजार निवासी इमरान मेमन ने करवाया है, जिनकी जमीन इसी स्थान के समीप है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह पीपल वृक्ष सरकारी भूमि पर था, जिसे वर्षों से पूजा जाता आ रहा था। गांव के लोग घोड़ा देव की पूजा-अर्चना करने के बाद उसी वृक्ष की परिक्रमा करते थे। लोगों का विश्वास था कि यहां भगवान विष्णु, ब्रह्मा, शिव और देवी लक्ष्मी का वास है।
सुबह दिखा कटा हुआ वृक्ष, भड़का आक्रोश
ग्रामीणों ने बताया कि 5 अक्टूबर की सुबह भी इमरान मेमन ने वृक्ष कटवाने की कोशिश की थी, लेकिन विरोध के चलते उन्हें पीछे हटना पड़ा। इसके बावजूद, देर रात उन्होंने लोगों की भावनाओं की अनदेखी करते हुए वृक्ष कटवा दिया। सुबह जब ग्रामीणों ने पीपल के ठूंठ को देखा तो पूरे गांव में आक्रोश फैल गया।

देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण स्थल पर इकट्ठा हो गए और नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि यह घटना साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश है। भीड़ की बढ़ती संख्या को देखते हुए खैरागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

ग्रामीण बोले – “हमारी आस्था पर चोट, मंदिर बने उसी स्थान पर”
गांव वालों ने पुलिस को दिए लिखित आवेदन में बताया कि पीपल वृक्ष उनका आस्था स्थल था, जहां वे पूजा-अर्चना करते थे। उन्होंने मांग की है कि वृक्ष कटवाने वाले इमरान मेमन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उसी स्थान पर हनुमान मंदिर का निर्माण कराया जाए।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह कृत्य जातीय और धार्मिक दुर्भावना से प्रेरित है। उनका कहना है कि जब लोगों ने पहले ही विरोध किया था, तब दोबारा प्रयास करना यह दर्शाता है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी।
पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन, माहौल शांत
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है। खैरागढ़ थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है, प्रकरण की जांच की जा रही है। पुलिस ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

पीपल वृक्ष का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार पीपल वृक्ष को देवताओं का निवास स्थान माना गया है। कहा जाता है कि इसकी जड़ों में भगवान विष्णु, शाखाओं में नारायण, पत्तों में हरि और फलों में सभी देवता वास करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में स्वयं को वृक्षों में पीपल बताया है, इसलिए इसे अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है।
अब निगाहें प्रशासन पर

ग्रामीणों की ओर से दी गई शिकायत के बाद अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर हैं। लोगों का कहना है कि अगर आस्था से जुड़े इस मामले में दोषी पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण बना रखा है और आगे की जांच जारी है।






