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रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाने में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण : डॉ शिवदयाल पटेल

रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाने में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण : डॉ शिवदयाल पटेल

रायपुर : “रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाने में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उक्त उद्गार डॉ शिवदयाल पटेल योगाचार्य एवं कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना शासकीय महाविद्यालय बरपाली, कोरबा ने शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंन्द्र नगर रायपुर में आयोजित “सात दिवसीय योग एवं प्राणायाम प्रशिक्षण कार्यक्रम” के उद्घाटन अवसर पर मुख्य वक्ता की आसंदी से व्यक्त किया। आगे उन्होंने कहा कि योग से शरीर की ब्याधियाँ तो दूर होती ही हैं साथ ही मन की एकाग्रता, मष्तिष्क के मेमोरी पावर में भी वृद्धि होती है। संस्था के प्राचार्य डॉ अमिताभ बैनर्जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मष्तिष्क के निर्माण में योग, प्राणायाम, ध्यान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।नियमित योगाभ्यास से जीवन में लक्ष्य की प्राप्ति सहजता से संभव हो सकता है। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ उषा अग्रवाल ने वैश्विक महामारी कोरोना काल में योग, प्राणायाम जैसे प्रासंगिक विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बधाई देते हुए सभी छात्राओं से आह्वान किया कि इस प्रशिक्षण को लगन से पूर्ण करें और इसे जीवन के दिनचर्या में शामिल कर लें। योगमय जीवन जीने वाला व्यक्ति की जीवन सुलझा हुआ होता है, यह जीवन के प्रत्येक अवसर पर आपका मार्ग प्रशस्त करेगा। डॉ संध्या वर्मा ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। योग प्रशिक्षक एवं संचालक डॉ मनीषा गर्ग कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना, शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय देवेंन्द्र नगर रायपुर ने दिनाँक 3 से 9 जून 2021 तक प्रातः 8 बजे से 8:30 बजे तक आयोजित की जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य, रूपरेखा पर विस्तृत प्रकाश डाला।

प्रशिक्षण के प्रारंभ में डॉ मनीषा गर्ग ने तीन ओंकार एवं शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। तत्पश्चात शिथिलीकरण का अभ्यास कराया, जिसमें श्वशन के अभ्यास हस्त संचालन, हस्त तनन, स्थिर दौड़, मुख धौति, एड़ी के व्यायाम, घुटनों के व्यायाम, कमर के व्यायाम, कंधों के व्यायाम के साथ-साथ सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया। डॉ गर्ग ने बताया कि रात भर सोने के कारण हमारा शरीर अकड़ जाता है, शारीर के जोड़ को ढीला करने के लिए शिथिलीकरण का अभ्यास अत्यंत आवश्यक है। आदर्श पटेल ने शिथिलीकरण एवं सूर्यनमस्कार का डेमो किया। आसन और प्राणायाम का अभ्यास योगाचार्य डॉ शिवदयाल पटेल ने कराया, आसन के अंतर्गत बज्रासन और मंडूकासन और शवासन का अभ्यास कराया गया। प्राणायाम में खंडीय श्वशन, भस्त्रिका, कपालभाति, नाड़ी शोधन प्राणायाम, उज्जायी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। डॉ पटेल ने कहा कि प्राणायाम से फेफड़े में ऑक्सीजन ग्रहण की क्षमता बढ़ती है और अत्यधिक मात्रा में कॉर्बन डाई ऑक्साइड को प्रश्वांस के माध्यम से रेचक किया जाता है, इससे शरीर के समस्त नस नाड़ियों में शुद्ध वायु और रक्त का संचार पर्याप्त मात्रा में होता है और शरीर स्वस्थ रहता है। योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से मन अंतर्मुखता की ओर अग्रसर होता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के प्राध्यापक डॉ कल्पना झा, डॉ चित्रा देशपांडे, डॉ कविता शर्मा, डॉ माया लालवानी, डॉ अंजना पुरोहित, श्रीमती चंद्रकांता पांडे एवं छात्राओं में आहिल कुमार, अंजली पटेल, अंजू साहू, भावना निषाद, भिलेश्वरी साहू, चंचल वर्मा, डालिमा सिंह, दीपम कुजूर, देवकुमारी साहू, डॉली साहू, गायत्री निर्मलकर, गायत्री वर्मा, गोविंदा भारती, गुलशन परवीन, ज्ञान अंजली साहू, हरि साहू, हुलसी साहू, जया खंडेलवाल, जया साहू, झरना साहू, ज्योति ध्रुववंशी, ज्योति मिश्रा, ज्योति साहू, कलश यादव, किरण यादव, कोमल साहू, कृतिका देवांगन, कुसुम सिन्हा, लक्ष्मी सेन, मधु कंवर, मधु वर्मा, ममता वर्मा, मनीषा गिलहरे, मानसी धीवर, मेघना तुरकर, मीनाक्षी साहू, मृणाल साहू, नगीना टंडन, नेहा तांडी, पल्लवी नौरंगे, पूजा साहू, प्रिंस सिंह, प्रीति ठाकुर, प्रिया सेन प्रियंका साहू, पूर्वी वर्मा, राहुल गौर, रानी बंदे, रवीना सारथी, रूखमणी निर्मलकर, रूपा साहू, संजना वर्मा, षष्ठी तारक, शिवानी द्विव, श्रद्धा वर्मा, श्वेता देवांगन, सुमन साहू, सुनील तिवारी, टीनू साहू, वंशिका प्रकाश ध्रुव, वर्षा पटेल आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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