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12 वीं की परीक्षा 02 मार्च एवं 10 वीं की परीक्षा 03 मार्च से प्रारम्भ, कोरोना संक्रमण के कारण पढ़ाई व पाठ्यक्रम पूर्ण नहीं होने से इस वर्ष लिखित परीक्षा व परीक्षा रिजल्ट मे पड़ सकता है प्रभाव,

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस बार हाई स्कूल व हायर स्कूलों की लिखित परीक्षा करने के आदेश व निर्देश जारी,

12 वीं की परीक्षा 02 मार्च एवं 10 वीं की परीक्षा 03 मार्च से प्रारम्भ, इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए निजी विद्यालयों को भी बनाये गये परीक्षा केंद्र,

इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण विद्यालयों मे ठीक से पढ़ाई नहीं होने और पाठ्यक्रम पूर्ण नहीं होने पर लिखित परीक्षा व परीक्षा रिजल्ट मे पड़ सकता है प्रभाव,

बलौदाबाजार :- छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस बार हाई स्कूल व हायर स्कूलों की लिखित परीक्षा करने के आदेश व निर्देश जारी किए है। इस बार 10 वी 12वी की लिखित परीक्षा 02 एवं 03 से शुरू हो गई है। जहाँ कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्राइवेट स्कूलों को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है.

10 वी एवं 12वी की मुख्य परीक्षा में इस बार बिलाईगढ़ ब्लॉक में कुल 70 परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जहां 10 वी में कुल 39323 तीन हजार नौ सौ तेईस छात्र छात्राएं परीक्षा दे रहें है। जबकि 12 में कुल 3564 तीन हजार पाँच सौ चौसंठ छात्र छात्रएं मुख्य परीक्षा में शामिल हैं। वही सहायक बीईओ दिव्य सोनी ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों में शासन प्रशासन द्वारा दिए गए गाइडलाईन का पालन करते हुए बच्चें अपनी परीक्षा दे रहें है.  साथ ही साथ सभी परीक्षा केंद्रों में शांति पूर्वक परीक्षाएं संचालित हो रही है । जहां परीक्षा केन्द्र मे परीक्षार्थियों को एक घंटा पहले पहुंचने का गाइड लाइन भी दिया है। तो वही नगर भटगांव मे 2 दो शासकीय स्कूल व 4 निजी स्कूलो को परीक्षा केन्द्र बनाया गया। भटगांव के निजी स्कूल लोटस पब्लिक स्कूल, कैरियर पॉइंट नेशनल स्कूल, सागर स्कूल, शांभवी पब्लिक स्कूल तथा शासकीय कन्या एवं शा.बॉयस स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया है.

वहीं छात्र छात्राओं का कहना है कि शासन प्रशासन के लिखित परीक्षा के फैसले से आज हमारा भविष्य खतरे मे पड़ गया है क्योंकि विद्यालयों मे कोरोना संक्रमण के कारण 2 वर्ष तक पढ़ाई नहीं हुई और इस वर्ष भी विद्यालयों मे पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया है. जिससे परीक्षा मे प्रश्न का उत्तर लिखने मे कई समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है. यदि विद्यालयों मे जून जुलाई से ही पढ़ाई अच्छी से होता और पाठ्यक्रम पूरा होता तो आज परीक्षा मे समस्या का सामना नहीं करना पड़ता.

अब देखना लाजमी होगा कि 10 वीं एवं 12 वीं का परीक्षा परिणाम इस वर्ष कैसे रहता है, ये तो परीक्षा रिजल्ट आने के बाद ही पता चलेगा. क्योंकि पिछले वर्ष कोरोना के कारण 90 प्रतिशत विद्यार्थियों का रिजल्ट 90 से 99 प्रतिशत तक रहा.

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