विश्व आदिवासी दिवस ग्राम भंडोरा बिलाईगढ़ में धूम धाम से मनाया गया…


विश्व आदिवासी दिवस ग्राम भंडोरा बिलाईगढ़ में धूम धाम से मनाया गया…
बिलाईगढ। शैलेन्द्र देवांगन । ब्लाक मुख्यालय बिलाईगढ़ के ग्राम पंचायत भंडोरा में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजा महल बिलाईगढ़ से राजा ओंकारेश्वर शरण सिंह थे। अध्यक्षता एस एस कवर पूर्व विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट के रूप में सहदेव सिंह सिदार प्रदेश उपाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, रोहित सिदार ब्लाक अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज, संजय कवर ब्लाक अध्यक्ष युवा प्रभाग, मेहतर सिदार अध्यक्ष सवरा समाज उपस्थित रहे। 
विश्व आदिवासी दिवस पर ग्राम पंचायत भन्डोरा में आदिवासी समाज के लोगो ने हजारों की संख्या में डीजे , कर्मा नर्तक दल के साथ रैली निकाल कर समाज की एकता को लेकर आवाज बुलंद की । जहा एक तीर एक कमान सर्व आदिवासी एक समान , सेवा जोहार, जय बूढा देव की जय कारा लगाते हुए पूरे गांव में भ्रमण कर कार्यक्रम स्थल पहुंचे ।

कार्यक्रम की शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर आदिवासी समाज के ईष्ट देवी देवता की पूजा अर्चना कर किया गया।
विश्व आदिवासी दिवस पर समाज के लोगो ने संस्कृति कार्यक्रम के रूप में आदिवासी नृत्य कला का प्रदर्शन किया ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजा ओकारेश्वर शरण सिंह ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के कमजोर वर्ग के बच्चे जो आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण पढ़ाई छोड़ देते है। ऐसे बच्चो के लिए आगे की बढ़ाई के लिए मैं पूरा खर्चा उठाउगा। ताकि हमारे समाज के गरीब बच्चे पढ़ाई कर अच्छे से नौकरी कर घर परिवार को संबल बना सके। 
समाज की एकजुटता आपसी भाई चारे को ऐसा ही बनाए रखे । विशिष्ट अतिथि सहदेव सिंह सिदार ने कहा कि आदिवासी संस्कृति ने प्रदेश का मान बढ़ाया है। हम सब को गर्व होना चाहिए की हम आदिवासी है प्राकृतिक रक्षक है । समाज बिना शिक्षा के अधूरा हो जाता है। हम सब को शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत है।
विश्व आदिवासी के मौके पर विजय सिंह नेताम,जय सिंह जगत , टीकम सिंह जगत, स्नेहलता ठाकुर, शिवाजा जगत, विरेंद ठाकुर, परदेशी धनुहार,प्रेम बाई नेताम, घनश्याम सिदार, रामायण सिदार, धरम सिदार, जितेंद्र सिदार, महेश नाग, गोविंद सिदार, गोपाल सिदार, बुदेश्वर सिदार, डेविड कवर, महेत्तर कवर,शिव सिंह कवर, भोपाल,रामकुमार धनुहार, बृजभान सिंह जगत, रूपराम ध्रुव, बसवार जी, सहित समाज के लोग हजारों की संख्या में शामिल रहे।






