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शासकीय ज़मीन को स्कूल का मैदान बताकर करियर पॉइंट नेशनल स्कूल को मिला 10 वीं 12 वीं बोर्ड की मान्यता

शासकीय ज़मीन को स्कूल का मैदान बताकर करियर पॉइंट नेशनल स्कूल को मिला 10 वीं 12 वीं बोर्ड की मान्यता

स्कूल प्रयोगशाला मे न तो इंस्ट्रूमेंट की व्यवस्था है न ही केमिकल व भौतिक सामान की

एक मान्यता मे दो स्थानों मे संचालित है स्कूल 

भटगांव/बिलाईगढ़ – जिले के नगर पंचायत भटगांव मे संचालित करियर पांइट नेशनल स्कूल भटगांव फिर एक बार सुर्खियों मे नजर आ रहें हैं.

आपको बता दें कि करियर पांइट नेशनल स्कूल भटगांव आज 6 वर्ष से संचालित हो रहा है लेकिन आज तक किसी अधिकारी की नजर नहीँ पड़ी है.

10 वीं की मान्यता लिये लगभग 2- 3 वर्ष हो रहा है और इस वर्ष 12 वीं कक्षा के संचालन के लिये भी मान्यता मिल गई है लेकिन इन 3 वर्षो मे स्कूल मैनेजमेंट स्कूल प्रयोगशाला मे न तो इंस्ट्रूमेंट की व्यवस्था कर पाया न ही कोई भी केमिकल व भौतिक सामानो की.

वहीं जानकारी के मुताबिक पता चला है कि शासकीय ज़मीन को स्कूल का मैदान बताकर करियर पॉइंट नेशनल स्कूल को 10 वीं 12 वीं बोर्ड की मान्यता भी मिल गया है. ऐसा लगता है कि छत्तीसगढ़ बोर्ड द्वारा न ही किसी फ़ाइल को ठीक तरह से चेक किया जाता है न ही पूर्ण रूप से छान बीन किया जाता है. केवल आँख मुंदकर मान्यता दे दिया जाता है.

ऐसे ही करियर पॉइंट नेशनल स्कूल भटगांव का हुआ है जहाँ न तो बच्चों के समुचित खेल की व्यवस्था है और न ही 10 वीं एवं 12 वीं विद्यार्थियों के लिये लैब की व्यवस्था.

स्कूल भी दो स्थानों मे संचालित है एक मौली माता के पास और एक मेन रोड के किनारे. जहाँ मेन रोड किनारे छोटे बच्चों के लिये न ही खेल का मैदान न ही बाथरूम की समुचित व्यवस्था. केवल एक बाथरूम मे लगभग 150-200 बच्चे जाते है. वहीं मौली माता के पास स्कूल मे 200 – 250 बच्चों के लिये केवल दो बाथरूम है जहां एक गर्ल्स और दूसरा बॉयस के लिये उपयोग मे लाया जाता है. जहाँ लंच टाइम मे एक बाथरूम मे एक स्टूडेंट जाने के लिये कितना टाइम लगता होगा आप अंदाजा लगा सकते हैं. जबकि लगभग छात्र एवं छात्रा के लिये 3 – 3 बाथरूम व्यवस्था होना आवश्यक है. लेकिन स्कूल मैनेजमेंट द्वारा पालको से मोटी रकम लेने के बौजूद बच्चों के लिये सुविधा नहीँ दे पाना एक प्रश्न चिन्ह बना हुआ है. क्योंकि स्कूल मैनेजमेंट को न तो बच्चों के लिये समुचित व्यवस्था की चिंता है न ही उनकी सुरक्षा की.

अब देखना होगा कि स्कूल खबर प्रकाशन के बाद स्कूल पर क्या कार्यवाही होती है. या तो स्कूल संचालित करने के लिये समुचित मैदान के साथ स्कूल व्यवस्था करना होगा या फिर मान्यता को रद्द करना होगा या फिर पूर्व की तरह अधिकारीयों व कर्मचारियों के साथ समझौता करके संचालन करना होगा ये तो आने वाला समय ही बताएगा.

आपको बता दें की बिलाईगढ़ विकासखंड मे ऐसे कई स्कूल है न जिसके पास न तो मैदान की व्यवस्था है न ही मान्यता मिला है और 2-3 वर्षो तक स्कूल का संचालन कर रहें हैं. कई ऐसे भी स्कूल है जो 2-3 कमरों मे ही संचालित कर रहें हैं. जिसका हम अगले समाचार मे नाम और फोटो सहित प्रकाशित करेंगे.

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