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छत्तीसगढ़ को मिलेगी एक और नई तहसील:अब कुकदूर के लिए जारी हुई सूचना, कुंडा और पिपरिया को पुनर्गठित करने का भी प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में एक और नई तहसील के गठन की कवायद शुरू हुई है। यह तहसील कुकदूर में बननी है। इसके लिए पंडरिया तहसील को पुनर्गठित किए जाने का प्रस्ताव है। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने इसकी सूचना प्रकाशित कर 60 दिनों के भीतर दावा-आपत्ति मंगाई है।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव जनक प्रसाद पाठक ने नई सूचना प्रकाशित कराई है। इसके मुताबिक कबीरधाम की पंडरिया तहसील के पुनर्गठन का प्रस्ताव है। पंडरिया से अलग कर एक और तहसील कुकदूर बनाने का प्रस्ताव है। इसमें 18 पटवारी हलकों के 98 गांवों को शामिल करने की योजना है। इसकी सीमाएं उत्तर में मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के बिजाग तहसील आएगी।

दक्षिण में कबीरधाम की पंडरिया तहसील, पूर्व में मुंगेली की लोरमी तहसील और पश्चिम में कबीरधाम की बोडला तहसील होगी। पिछले दिनों राजस्व विभाग ने पंडरिया तहसील से अलग करके कुंडा तहसील और कवर्धा से अलग कर पिपरिया को तहसील बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी। कबीरधाम जिले में अभी चार तहसीलें कवर्धा, पंडरिया, बोडला और सहसपुर-लोहारा है। नई तहसीलों के अस्तित्व में आ जाने से इनकी संख्या बढ़कर सात हो जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक इकाइयों को छोटा रखने की गरज से इन तहसीलों का गठन किया जा रहा है।

कुंडा में 88 गांव प्रस्तावित

कुंडा तहसील में 88 गांव शामिल होने हैं। इस नई तहसील की उत्तरी सीमा पंडरिया तहसील, दक्षिण में बेमेतरा जिले की बेमेतरा तहसील, पूर्व में मुंगेली जिले की मुंगेली तहसील और पश्चिम में कबीरधाम जिले की कवर्धा तहसील आनी है।

पिपरिया में 99 गांव आएंगे

कवर्धा तहसील से अलग कर पिपरिया को भी नई तहसील बनाया जाना है। इसमें कुल 99 गांव और एक नगर पंचायत को शामिल करने का प्रस्ताव है। इसकी सीमाएं उत्तर-पश्चिम दिशा में कवर्धा तहसील से जुड़ेगी। इसके दक्षिण में सहसपुर-लोहारा तहसील और पूर्व में बेमेतरा जिले की साजा और बेमेतरा तहसीलें आएंगी।

अभी प्रदेश भर में 178 तहसीलें

छत्तीसगढ़ में अभी 178 तहसीलें हैं। वहीं 70 के करीब उप तहसीलें भी कार्यरत हैं। अभी नये बने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में ही साल्हेवारा को तहसील बनाया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 26 नई तहसीलों के गठन की घोषणा की थी। इसमें से कबीरधाम जिले की ये दोनों प्रस्तावित तहसीलें शामिल नहीं थीं।

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