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5 साल में मरम्मत के नाम पर खर्च कर चुके डेढ़ करोड़, फिर भी सड़क पर गड्ढे, डेडलाइन अक्टूबर 2023

गड्‌ढों वाली यह सड़क गांव नहीं बल्कि शहर की है, जिसमें आम लोगों के अलावा कलेक्टर, एसपी से लेकर जिला स्तरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि गुजरते है। एनएच 930 प्रोजेक्ट के दायरे में आ रहे शहर की सड़कों का हाल बेहाल है। लोग परेशान हो रहे हैं। जब भी बारिश होती है तो एनएच विभाग व एजेंसी की मरम्मत की पोल खुल जाती है। मरम्मत के नाम पर ही पिछले 5 साल में डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर चुके हैं लेकिन राहत नहीं मिली है।

जनहित के मुद्दे पर दैनिक भास्कर ने नए कलेक्टर कुलदीप शर्मा से सवाल किया कि चौड़ीकरण तो होता रहेगा, इसके पहले कम से कम सड़क को चलने लायक तो बना दें, जिस पर कलेक्टर ने कहा कि एक साल में सड़क की तस्वीर बदल जाएगी यानी डामर बिछाने से लेकर चौड़ीकरण कार्य हो जाएगा। जिसके बाद लोगों को राहत मिलेगी। कलेक्टर के समक्ष कई लोगों ने प्रोजेक्ट में रोड़ा बन रहे अवैध कब्जा का मुद्दा भी उठाया तब चर्चा हुई कि दीपावली के बाद यानी नवंबर से अवैध कब्जों को हटाने की शुरुआत होगी। फिलहाल नोटिस भेजने का सिलसिला चल रहा है। नोटिस मिलने के बाद कई लोग स्वेच्छा से कब्जा हटा रहे हैं।

18 माह में काम पूरा कराने अप्रैल में हुआ था एग्रीमेंट
केंद्र शासन व एनएच विभाग की ओर से अधिकृत निर्माण एजेंसी को झलमला तिराहा चौक से शेरपार तक 37.28 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण अक्टूबर 2023 तक पूरा करना है। टेंडर जारी होने के बाद मार्च में एजेंसी तय हुआ। जिसके बाद अप्रैल में एग्रीमेंट हुआ है कि 18 माह में काम पूरा कराना है। अप्रैल से लेकर अब तक यानी 6 माह बारिश के बीच मरम्मत कार्य में ही गुजर गए। इस लिहाज से डेडलाइन अनुसार एक साल ही बाकी है। ऐसे में काम पूरा कराना चुनौती रहेगी।

दो चरण में 84.80 किमी सड़क चौड़ी होगी
एनएच विभाग के अनुसार दो चरण में झलमला से कोहका महाराष्ट्र बार्डर तक 84.80 किमी सड़क को 12 मीटर चौड़ी करने 501 करोड़ जारी हो चुकी है। इसमें शहर के ट्रांसपोर्ट नगर से उपजेल मोड़ तक की सड़क को 24 मीटर चौड़ी करने की प्लानिंग बनी है। पैकेज 1 में 222.56 करोड़ से झलमला से शेरपार तक 37.28 किलोमीटर सड़क फिर पैकेज 2 में 278.97 करोड़ से शेरपार से कोहका तक 46.98 किलोमीटर सड़क चौड़ी होगी। चौड़ीकरण काम पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र जुड़ जाएगा।

बालोद सहित दुर्ग, रायपुर, राजनांदगांव, कांकेर, धमतरी व आसपास के लगभग 8 जिले के लोगों को आने-जाने में सहूलियत होगी। एनएच विभाग के अनुसार वर्तमान में झलमला से कोहका तक 84.80 किलोमीटर सड़क की चौड़ाई 7 मीटर है। जो 5 मीटर और बढ़ेगी। कुल 12 मीटर चौड़ी होगी। कहीं-कहीं विवाद की स्थिति आने की संभावना है इसलिए सड़क की चौड़ाई 12 के बजाय 10 मीटर की जाएगी। विभागीय अफसरों का दावा है कि अवैध कब्जा हटने के बाद ही काम में गति आएगी क्योंकि रोड़ को लेकर राशि का रोड़ा नहीं है।

अवैध कब्जा हटाएंगे तब होगा चौड़ीकरण का काम
पुरूर, गुरुर, छेड़िया, धनोरा, करकाभाट, कन्नेवाड़ा, सांकरा, पाकुरभाट, जमरूवा, झलमला तक सड़क चौड़ीकरण का काम हो गया है। जिसके बाद झलमला तिराहा से आगे बालोद सहित अन्य स्थानों पर डामरीकरण व चौड़ीकरण होना बाकी है। इस प्रोजेक्ट के दायरे में बालोद जिले की कुल 86 किमी सड़क आ रही है। विभाग के एसडीओ वीके सोयम ने बताया कि अवैध कब्जा हटाने की कार्यवाही के बाद अधिकृत एजेंसी चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत करेगी।

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