सी.पी.एम. कॉलेज और शहीद नन्द कुमार पटेल विश्वविद्यालय पर एक विद्यार्थी ने लगाया लापरवाही का गंभीर आरोप
परीक्षा विभाग की लापरवाही से विद्यार्थी का भविष्य अँधेरे मे, जिम्मेदार कौन? उपस्थिति को बताया अनुपस्थिति
कॉलेज की एमएससी गणित पूर्व परीक्षा मे एक पेपर मे उपस्थित होने के बौजूद रिजल्ट मे दर्शाया अनुपस्थित
इस सम्बन्ध मे कॉलेज व यूनिवर्सिटी को आवेदन के बौजूद नहीं हुआ रिजल्ट मे परिवर्तन
रिजल्ट मे आया फिर अपसेंट, अब कॉलेज की लापरवाही कहे की यूनिवर्सिटी की गड़बड़ी
जिम्मेदार कौन, विद्यार्थी का हजारों रुपए खर्च के बाद भी रिजल्ट अधूरा, भविष्य ख़राब

सारंगढ़/रायगढ़ :सी.पी.एम. कॉलेज और नन्द कुमार पटेल विश्वविद्यालय पर एक विद्यार्थी ने लापरवाही का बड़ा आरोप लगाया है जिससे परीक्षा विभाग पर कई सवाल खड़ा हो गया है.यह मामला सारंगढ़ मे संचालित सीपीएम कला व विज्ञान कॉलेज का है जहाँ कॉलेज के एमएससी पूर्व एक विद्यार्थी का भविष्य अँधेरे मे जा रहा है. अब इसे कॉलेज परीक्षा विभाग की लापरवाही कहे कि नन्द कुमार पटेल विश्वविद्यालय की.आपको बता दे कि 2024-2025 मे एक विद्यार्थी नाम न बताने की शर्त पर बताया कि एमएससी पूर्व परीक्षा मे एक पेपर मे उपस्थिति होने के बौजूद अनुपस्थिति दर्ज कर दिया गया है.

इस सम्बन्ध मे कॉलेज मे आवेदन के बौजूद रिजल्ट मे परिवर्तन नहीं हुआ और रिजल्ट मे अनुपस्थित दर्ज आया.अब इसे कॉलेज की लापरवाही कहे की यूनिवर्सिटी की गड़बड़ी ये सोचने वाली बात है. इस सम्बन्ध मे आवेदन देने के बौजूद सुधार नहीं हो पाया. अब जिम्मेदार कौन होगा कॉलेज या यूनिवर्सिटी. परीक्षा मे मेहनत करने के बाद इस प्रकार की गड़बड़ी कॉलेज और यूनिवर्सिटी पर कई सवाल खड़ा कर दिए है. परीक्षा विभाग की इस प्रकार की चूक या लापरवाही आखिर कैसे हुई? जबकि एक पेपर की उपस्थिति पत्रक मे उपस्थिति का हस्ताक्षर साफ साफ दिख रहा लेकिन परीक्षा विभाग की एक लापरवाही ने विद्यार्थी का एक वर्ष और लाइफ खराब कर दिया जिसके जिम्मेदार कौन होगा. वहीँ विद्यार्थी ने हजारों रुपए खर्च करके सीपीएम कॉलेज मे एडमिशन लेकर सभी पेपर मे उपस्थिति देकर परीक्षा दिलाये लेकिन रिजल्ट अधूरा आया जिससे विद्यार्थी का भविष्य ख़राब होने से इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा.

अतः विद्यार्थी ने इसकी गहनता से जाँच करके कॉलेज या यूनिवर्सिटी परीक्षा विभाग के कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग किये है ताकि भविष्य मे इस प्रकार की लापरवाही से अन्य किसी विद्यार्थी का भविष्य ख़राब न हो और इस मामले मे शासन प्रशासन से जाँच करके सीपीएम कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी परीक्षा विभाग के खिलाफ कार्यवाही और न्याय की मांग किये है. अब खबर प्रकाशन के बाद शासन प्रशासन क्या कार्यवाही करती है ये तो आने वाला समय ही बताएगा.

वहीँ कॉलेज के प्रिंसिपल से बात करने पर बताया कि इस सम्बन्ध मे विद्यार्थी आवेदन दे देंगे और कुछ नहीं होगा तों आप खबर प्रकाशन कर देंगे इससे फर्क नहीं पड़ता आप स्वतंत्र है.
विद्यार्थी से बात करने पर बताया कि आवेदन के बाद भी रिजल्ट मे परिवर्तन नहीं हुआ और समय निकल गया अब इसके जिम्मेदार कॉलेज प्रशासन ही है क्योंकि आवेदन के बाद भी परिवर्तन नहीं हुआ मतलब कॉलेज प्रशासन आवेदन को शायद गंभीरता से नहीं लिया या यूनिवर्सिटी तक यह मामला नहीं पंहुचा जिससे मेरे रिजल्ट मे कोई परिवर्तन नहीं हुआ जो एक जाँच का विषय है यदि इस प्रकार की लापरवाही होता रहे और कोई विद्यार्थी आवाज़ न उठाये तों ऐसी लापरवाही और होने की आशंका बनी रहेगी.




