मोर गांव, मोर पानी, जल संगवारी महाअभियान
1 सोख्ता गड्ढा संतान के नाम हेतु कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने श्रम दान कर ग्रामीणों को किया प्रेरित
मोर गांव, मोर पानी, जल संगवारी महाअभियान

1 सोख्ता गड्ढा संतान के नाम हेतु कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने श्रम दान कर ग्रामीणों को किया प्रेरित

सारंगढ़ बिलाईगढ़, 27 फ़रवरी 2026/कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की अध्यक्षता में ‘मोर गांव, मोर पानी जल संगवारी महाअभियान’ के अंतर्गत जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोतरी में “1 सोखता गड्ढा एक संतान के नाम” कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन विशेष रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक घर में सोख्ता गड्ढा निर्माण को बढ़ावा देना है, ताकि गिरते जल स्तर को सुधारने में मदद मिल सके।

पंचायत के अधिकारियों ने बताया कि सोख्ता गड्ढों के माध्यम से जमीन में पानी का रिसाव बढ़ेगा और भविष्य में जल स्रोतों में वृद्धि की संभावना बनेगी। इस अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला एवं पुरुषों ने भाग लिया।
जिला पंचायत सीईओ ने जानकारी दी कि जिन ग्रामीणों के पास पर्याप्त जमीन है, वे मनरेगा योजना के तहत डबरी निर्माण का प्रस्ताव दे सकते हैं। डबरी निर्माण का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। डबरी के माध्यम से मछली पालन कर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है। जिले में एक ही दिन में 8 हजार से अधिक सोखता गड्ढा निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए जनसहयोग से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
हर पंचायत में ‘जल संगवारी’ बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं, जो लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे।उल्लेखनीय है कि ग्राम कोतरी में पेयजल की समस्या गंभीर है और यहां 300 फीट से नीचे पानी मिलता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर ने सभी ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। अपने संबोधन में कलेक्टर ने कहा कि जल संकट धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। बेकार बहने वाले पानी के कारण जल की बर्बादी और मच्छरों की समस्या बढ़ती है, इसलिए सभी को अपने घरों में सोखता गड्ढा बनाना आवश्यक है।
*कलेक्टर ने बच्चों के शिक्षा और भोजन को जाँचा और जर्जर स्कूल भवन को तोड़ने के निर्देश दिए*
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने कोतरी के प्राथमिक शाला का निरीक्षण कर मध्यान्ह भोजन एवं पढ़ाई की स्थिति की जानकारी ली। कक्षा चौथी और पांचवीं का निरीक्षण किया गया तथा मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर भी चर्चा की गई। इसी प्रकार शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कोतरी में कक्षा आठवीं का निरीक्षण किया गया, जहां विद्यार्थियों की उपस्थिति कम पाई गई। कक्षा छठवीं के विद्यार्थियों से साप्ताहिक दिनों के नाम पूछे गए, जिसका बच्चों ने संतोषजनक उत्तर दिया। विद्यालय के पुराने जर्जर भवन को डिस्मेंटल कराने के निर्देश भी दिए गए।





