बैंक मैनेजर मस्त तो ग्राहक त्रस्त :
भटगांव के भारतीय स्टेट बैंक में ब्रांच मैनेजर व कर्मचारीयों के मनमानी से कस्टमर असंतुष्ट

बैंक मैनेजर मस्त तो ग्राहक त्रस्त :
भटगांव के भारतीय स्टेट बैंक में ब्रांच मैनेजर व कर्मचारीयों के मनमानी से कस्टमर असंतुष्ट
बैंक मे 40 हजार से कम का नहीं होता लेन देन
KYC अपडेट के लिए 5-10 बार बैंक का चक्कर
पासबुक प्रिंटर 1 वर्षो से ख़राब, ग्राहक के प्रति कर्मचारियों का व्यवहार असंतुष्ट
बैंक मे करेंट एवं सेविंग खाता होने के बौजूद लेन देन का न होना,ग्राहक सेवा केंद्र का चक्कर लगाना समझ से परे

सारंगढ़ बिलाईगढ़ : जिले के सबसे बड़ा नगर पंचायत भटगांव मे स्थित भारतीय स्टेट बैंक एक बार फिर सुर्खियों मे नजर आ रहे है. जहाँ अव्यवस्था का आलम लगा हुआ है. वहीँ नगर की प्रतिनिधियों ने नगर तथा आसपास के क्षेत्र वासियों को स्टेट बैक से संबंधित सभी कार्य, नगर से ही हो सके तथा राज्य की सरकार की योजना का लाभ मिल सके करके बैंक की मांग किये थे और संचालित भी की गई लेकिन आज पर्यंत नगर के स्टेट बैक के मैनेजर एवं कर्मचारियों द्वारा मनमाना कार्य करने में मस्त रहते है और आम जनता आज कल परसो तथा सप्ताह महीना तक एक ही काम के लिए घुमता रहता है कोई भी बैंक अधिकारी कर्मचारी आम जनता का सहयोग व सही दिशा निर्देश नहीं दें पाते जो केवल कर्मचारियों के प्रशिक्षण एवं उनके कार्यशैली पर निर्भर करता है. इससे अधिक बैंक मैनेजर के कार्य कुशलता पर सवाल खड़ा करता है.

आपको बता दें कि आम जनता को स्टेट बैक मे बिना 4-5 बार चक्कर लगाये बिना कोई काम नहीं बन रहा है. है. आम आदमी अपने सभी काम छोड़कर बैंक के कार्य के लिए आता है लेकिन 4-5 क्या 10 बार आने से भी बैंक का पेंडिंग कार्य नहीं हो पाता इसका मुख्य कारण है सही तरीका से दिशा निर्देश नहीं दें पाना और सही ढंग से काम नहीं करना.
बैंक मे मजदूर,दुकानदार व कर्मचारी आते है इसका अंदाजा बैक कर्मचारी को नहीं है सभी अपने पीछे अपने आवश्यक काम छोड़कर आते रहते है लेकिन स्टेट बैक अपनी मस्ती मे मस्त रहते है.

वहीँ बैंक मैनेजर एवं बैंक की अव्यवस्था पर सुशासन त्यौहार मे शिकायत भी किया गया था लेकिन आज पर्यंत कोई कार्यवाही नहीं हुई है जिससे बैंक मैनेजर एवं कर्मचारियों के हौसले बुलंद है.
निम्न बिंदुओ पर बैंक के खिलाफ शिकायत किया गया है –
1. 40000 रू. से कम राशि का जमा और निकासी का नहीं होना जबकि छत्तीसगढ़ के अन्य शाखा में 100 रू. से लेकर लाखों रु. तक जमा निकासी किया जाता है।
2. बैक में सुचना पटल पर शिकायत हेतु उच्च अधिकारियों का जानकारी नहीं होना, मो. और ईमेल भी नहीं दर्शाया गया है।
3. के वाई सी के नाम पर कस्टमर से 2 से 3 बार फार्म भरवाया जाता है जिससे हमेशा लंबी लाइने रहती है और कस्टमर को 4-5 बार बैंक जाने पर भी कार्य नहीं हो पाता।
4. कस्टमर के लिए पानी पीने की व्यवस्था और सुलभ की व्यवस्था नही होना. सुलभ अंदर मे है लेकिन आम कस्टमर को इनकी सुविधा नही मिलती।
5. बैंक एटीएम अधिकांश रूप से बंद रहता है.
6. मुद्रा लोन एवं अन्य आजीविका संबंधित लोन की जानकारी नहीं उपलब्ध कराना इत्यादि समस्या मे शिकायत किया गया था.
वहीँ 7 अगस्त को कुछ पत्रकार बैंक मैनेजर से समस्या के बारे मे जानकारी लिया तो गोलमाल जवाब देते नजर आये और बाईट देने से इंकार किया.
वहीँ जब बैंक आये कुछ लोगों से उनकी समस्याओ के बारे मे जानना चाहा तो सभी बैंक ग्राहकों ने एक एक करके अपनी अपनी बात रखी.

वर्शन 1. रूप कुमार यादव गोंडापाली ने कहा कि मै केवाईसी कार्य के लिए बैक आता हू तो चॉइस सेंटर भेजते है.चॉइस सेंटर वाले बैक दो ढाई महीना हो गया 5 बार आया हुँ और हर बार नया फार्म भरा हु.अभी तक कोई काम नहीं हो रहा है ।
वर्शन 2. माधवप्रसाद साहु ने कहा कि मै आधार नम्बर चेंज कराने तीन बार आया हुँ. साहब नहीं है.इस तरह से काम नहीं हो रहा है.
वर्शन 3. प्रमोदिनी पटेल ने कहा कि बैंक मे मेरे बच्चे का केवाईसी कराने 5 बार आयी हूँ लेकिन अभी तक मेरा कार्य नहीं हो पाया है. लगभग 2 महीने हो गए. बैक में जाओ तो ग्राहक सेवा केंद्र भेजते है और ग्राहक सेवा केंद्र जाओ तो बैंक भेजते है. मैं बैंक मे 5 बार आई हुँ और तीन बार फार्म भरी हूं.सोमवार तक का समय दिए है कार्य हो जायेगा.

वर्शन 4. के. पी. पटेल व्यापारी व बैंक कस्टमर ने कहा कि मै दो तीन माह से आ रहा है जब भी मै पैसा जमा करने आता हुँ 10 व 20 हजार तो यहाँ केशियर जमा नहीं करता जबकि यहाँ मेरा करेंट एकाउन्ट व सेविंग एकाउन्ट दोनों है, ग्रीन कार्ड भी है. बैक मैनेजर , केसियर से इस संबंध मे बात किया तो उन्हें कहा 40 हजार से अधिक की रकम बैक मे जमा होता है 40 से कम चॉइस सेंटर मे होगा. और जब चॉइस सेंटर जाता हूँ तो वहां लिमिट नहीं होता तो कही लिंक ख़राब रहता है. बैंक के कई समस्या और उपयुक्त बिन्दुओ को लेकर सुशासन तिहार मे शिकायत किया गया था किन्तु आज पर्यंत कार्यवाही नहीं हुआ. शासन प्रशासन से यही कहना चाहता हुँ की स्टेट बैक की अव्यवस्था को अतिशीघ्र सुधारे और बैंक मैनेजर के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उनको यहाँ से हटाया जाये और अन्य कर्मचारियों को केवाईसी व अन्य कार्य संबधित प्रशिक्षण प्रदान करें. अन्यथा आम जनता बैक से परेशानिया उठाते रहेंगे.
वर्शन 5 – सुरेश सिदार जैजैपुर ने बताया कि मैं अपने पत्नी खाता संबधित कार्य हेतु बैंक मे 12-15 बार आ चूका हूँ लेकिन अभी तक मेरा कार्य नहीं पाया है और सोमवार को फिर आने को कहा है. मेरा शासन प्रशासन से यहीं कहना है कि बैंक को सही तरीके से संचालित करें.
वर्शन 6- पुरुषोत्तम पटेल भटगांव ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि मेरा स्टेट बैंक मे सैलरी खाता होते हुए भी बैंक कर्मचारी व केशियर मुझे पैसा निकालने और जमा करने हेतु ग्राहक सेवा केंद्र भेज देते हैं और ग्राहक सेवा केंद्र मे 10 हजार मे 100 तो कभी 20 हजार मे 200 रुपए तक ले लेते हैं और 100-200 का रसीद नहीं देते. मुझे मजबूरन अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है.
वर्शन -7. श्रीमती चंपा बाई पटेल ग्राम जेवराडीह ने कहा कि मेरा केवाईसी अपडेट के लिए दो माह तक 4-5 बार बैंक का चक्कर लगाई थी लेकिन मेरा कार्य नहीं हो पा रहा था उसके बाद 2 माह बाद फिर से फॉर्म भरी हूँ तो दूसरे बार मे फिर से फॉर्म भरकर सीधे कर्मचारी से बात करके अपना काम कारवाही हूँ. 2 माह तक मैं बहुत परेशान थी पैसो का लेन देन बंद हो गया था.
वर्शन -8 रामचरण पटेल वार्ड 02 भटगांव ने बताया कि स्टेट बैंक भटगांव का केवल के वाइ सी के लिए लगभग 2 माह तक 7-8 बार चक्कर लगाया था जिससे मेरा मासिक ई एम आई चुकाने मे कई दिक्कत का सामना करना पड़ा यहाँ तक सही समय पर के वाई सी अपडेट नहीं हुआ तो पेनाल्टी लग गया. जिससे जिम्मेदार भी बैंक कर्मचारी है जो सही समय पर कार्य नहीं कर पाए.
वर्शन 9- नगर पंचायत अध्यक्ष विक्रम कुर्रे ने कहा कि बैंक के समस्या को लेकर मुझे भी शिकायत मिली है. कुछ महीने पहले सुबह 6 बजे से केवाईसी के लिए बैंक की लाइन लग जाती थी. और मैं खुद बैंक गया था तो वहां का अव्यवस्था से वाकिब हूँ.वहाँ कर्मचारी की कमी है. इस सम्बन्ध मे कलेक्टर से मौखिक शिकायत किया था जिससे कलेक्टर ने बैंक मैनेजर को समझाइस दी थी आगे कस्टमर की और समस्या बढ़ रहा है तो इस सम्बन्ध मे कलेक्टर को आवेदन लिखकर भेजता हूँ. ताकि बैंक की समस्या का निराकरण अतिशीघ्र हो.

अब कलेक्टर को इस सम्बन्ध मे सुचना देने के बौजूद और बैंक के उच्च अधिकारीयों को इन समस्याओ से शिकायत व खबर प्रकाशन के बाद क्या कार्यवाही होती है ये आने वाला समय ही बताएगा.




