
बसना : यूरिया की किल्लत से जूझ रहे बसना क्षेत्र के किसान, कृषि ट्रेडर्स ले रहे मनमाने दाम
रुपानंद साव, किसानों के खेतों में इस समय धान की फसल खड़ी हुई है। धान की फसल के लिए यूरिया खाद की सख्त जरूरत है। क्षेत्र के सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं है इसके चलते किसानों को यूरिया के कमी के समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। निजी कृषि ट्रेडर्स यूरिया की कमी बताते हुए किसानों से 550-600 रू तक मनमाने दाम वसूल रहे हैं। भले ही जिम्मेदार अफसर /जनप्रतिनिधि कह रहे हों कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। बसना शहर क़ो लिया जाये तो यहां के ट्रेडर्स के पास यूरिया उपलब्ध नहीं है।

जिनके पास उपलब्ध है वे यूरिया की कमी का ब्योरा देते हुए किसानों से यूरिया की मनमानी कीमत ले रहे हैं। यही नहीं यूरिया के साथ अन्य उत्पाद किसानों को जबरन दिए जा रहे हैं। इससे किसानों पर बोझ बढ़ता जा रहा है।


16 अगस्त 2025 शनिवार को बसना क्षेत्र की आधा दर्जन से ऊपर निजी ट्रेडर्स पर यूरिया पूछने पर समाप्त हो जाने का जबाब दिया गया इस तरह किसान यूरिया खाद के लिये दर दर की ठोकरें खा रहे हैं और ट्रेडर्स खाद की काला बाजारी में व्यस्त है, ट्रेडर्स किसानो की मजबूरी का जबरदस्त फायदा उठा रहे है इधर क्षेत्र के किसान यूरिया न पाने से खून के आँसू रो रहे हैं









