

कांकेर/कोंडागांव। Panchayat secretaries burnt the order of sgovernment: छत्तीसगढ़ में पंचायत सचिव एक सूत्रीय मांग को लेकर पूरे प्रदेश में 16 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सचिवों के हड़ताल पर जाने से गांवों में सरकारी कामकाज प्रभावित होने लगा है। संयुक्त सचिव छत्तीसगढ़ ने पत्र जारी कर सचिवों को 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया था। सचिवों के काम पर नहीं लौटने पर उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
इस आदेश पत्र के मिलने के बाद नरहरपुर के पंचायत सचिवों ने शासन के आदेश को जलाकर प्रदर्शन किया।

तो वही कोयलीबेड़ा पंचायत सचिव संघ ने पखांजुर मुख्यालय में हड़ताल स्थल पर आदेश के छायाप्रति जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। सचिवों का कहना है कि, जब तक उन्हें शासकीयकरण नहीं किया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
कोंडागांव में भी प्रदर्शन
कोंडागांव जिले के सभी पंचायत सचिव भी 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि के पश्चात शासकीयकरण किये जाने की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे हुए हैं। फरसगांव मुख्यालय में हड़ताल पर बैठे सचिवों ने आज 3 अप्रैल को हड़ताल स्थल पर आदेश के छायाप्रति जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।





