नन्हें कदमों के बड़े सपने: पालक-शिक्षक बैठक का सफल आयोजन

नन्हें कदमों के बड़े सपने: पालक-शिक्षक बैठक का सफल आयोजन
बिलाईगढ़:- प्राथमिक शिक्षा किसी भी विद्यार्थी के शैक्षणिक जीवन की नींव होती है। इन नन्हें बच्चों की शिक्षा, संस्कार और सामाजिक विकास में शिक्षक और पालक दोनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु शासकीय प्राथमिक शाला बांसउरकुली में दिनांक 06/08/2025 को एक सार्थक पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, व्यवहारिक स्थिति, अनुशासन, रुचियों और कक्षा में सहभागिता पर पालकों से संवाद स्थापित करना था। साथ ही, विद्यालय में चल रही गतिविधियों और बच्चों के समग्र विकास के लिए की जा रही पहलों की जानकारी साझा करना भी इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।बैठक का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार डडसेना द्वारा किया गया। उन्होंने सभी पालकों का विद्यालय में स्वागत करते हुए यह बताया कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षक और पालक दोनों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का विकास विद्यालय और घर दोनों के समन्वय से ही संभव है।

बैठक में कक्षा अनुसार शिक्षकों ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों, कमजोरी के क्षेत्र, उपस्थिति, गृहकार्य, परीक्षा परिणाम आदि पर विस्तार से चर्चा की। प्रत्येक पालक को उनके बच्चे की व्यक्तिगत प्रगति रिपोर्ट सौंपी गई और उस पर आधारित सुझाव दिए गए।
शिक्षक जीतेन्द्र गिरि गोस्वामी ने यह भी बताया कि किन विद्यार्थियों को अतिरिक्त अभ्यास की आवश्यकता है तथा किन बच्चों में विशेष रुचि या प्रतिभा देखने को मिल रही है। पालकों ने भी शिक्षकों से बच्चों के व्यवहार, पढ़ाई की आदतों और मोबाइल के उपयोग जैसी समस्याओं पर चर्चा की।

प्रदर्शनी और गतिविधियाँ:
विद्यालय में बच्चों द्वारा बनाए गए चार्ट, चित्र, मॉडल, और हस्तकला की एक सुंदर प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, जिसे पालकों ने बहुत सराहा। इसने बच्चों के रचनात्मक विकास को दर्शाया और पालकों में गर्व की भावना भर दी।
पालकों की सहभागिता:
बैठक में 25 से अधिक पालकों ने भाग लिया।शाला विकास समिति के अध्यक्ष भगवान सिंह ध्रुव, उपाध्यक्ष प्रज्ञा खड़िया, सरपंच प्रतिनिधि रामकिशन सूर्यवंशी, शिक्षाविद मोती लाल सोनी एवं सदस्यगण प्रमिला मानिकपुरी, रूखमणि यादव, संजय कुमार पटेल, फिरतू राम खड़िया, पंच सुनील यादव, और अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।उन्होंने विद्यालय की व्यवस्था, शिक्षण पद्धति और बच्चों के साथ शिक्षकों के व्यवहार की सराहना की। कई पालकों ने सुझाव भी दिए जैसे– अतिरिक्त खेल गतिविधियाँ, कहानियों के माध्यम से शिक्षा, और बालसभा जैसे आयोजन।


प्रधानाध्यापक ने अंत में सभी पालकों से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों के साथ प्रतिदिन कुछ समय बिताएं, उन्हें नैतिक शिक्षा दें, और मोबाइल फोन तथा टीवी के अत्यधिक प्रयोग से बचाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यवहार, सोच और कार्यशैली भी शिक्षा का ही हिस्सा है।
यह पालक-शिक्षक बैठक न केवल बच्चों की प्रगति का मूल्यांकन करने का अवसर रही, बल्कि यह एक ऐसा मंच भी बना जहाँ पालक और शिक्षक मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा सके। इस बैठक से यह सिद्ध हुआ कि जब शिक्षक और पालक एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो नन्हें कदम भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने में सक्षम होते हैं।
विद्यालय के सभी शिक्षकगण शिव कुमार बंजारे,सरिता कहार, जीतेन्द्र गिरि गोस्वामी,ज्योति खड़िया उपस्थित थे।
विद्यालय परिवार ने सभी पालकों के समय, सहभागिता और सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।





